March 2, 2021
आज हम जानेगे UPSC full full in Hindi.

UPSC Full form in Hindi- UPSC एग्जाम की जानकारी?

ज्यादातर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा बड़ा होकर आईएएस या आईपीएस अधिकारी बने। इस सेवा मेंसामाजिक सम्मान के साथ ही बेहतर वेतन, अन्य सुविधाएं भी हैं, जो इसे बेहद आकर्षक बनाती हैं।

आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस बनने के लिए परीक्षाओं का आयोजन UPSC कराता है। आज हम आपको UPSC full form in Hindi, इसके कार्य, इसके इतिहास से जुड़ी अहम जानकारियां देंगे। आप बस पढ़ डालिए-

UPSC full form in Hindi

आज हम जानेगे UPSC full full in Hindi.
UPSC full form

UPSC का full form – Union Public Service Commission

UPSC in Hindi – यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ।

यह एक केंद्रीय सरकारी एजेंसी जो की विभिन्न परीक्षाएं जैसे की सिविल सर्विस परीक्षा, भारतीय वन सेवाक्षेत्र, इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, नौसैनिक अकादमी परीक्षा, संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा, संयुक्त चिकित्सा सेवाओं की परीक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की परीक्षाओं को आयोजित करती है | इस एजेंसी के द्वारा आयोजित exam देश के सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है | भारत का संविधान इन परीक्षाओं का संचालन करने के लिए प्राधिकरण देता है|

UPSC के पास संविधान में अन्य भूमिकाएं भी शामिल हैं जैसे कि पोस्ट और सेवाओं के recruitment के बारे में सरकार द्वारा सलाह देने तथा interview के माध्यम से recruitment करना, अनिवार्य पेंशन देने से संबंधित विविध मामले आदि।

इसे हिंदी में संघ लोक सेवा आयोग भी कहा जाता है। यह आयोग भारत सरकार के लिए लोक-सेवा के यानी सिविल सर्विसेज पदों पर नियुक्ति के मकसद से परीक्षाओं का आयोजन करता है। यूपीएससी के गठन या खत्म करने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास निहित है।

UPSC exams की जानकारी

UPSC एक केंद्रीय एजेंसी है जो भारतीय सरकार द्वारा मिश्रित सरकारी सेवाओं में candidates का चयन और भर्ती करने के लिए परीक्षाएं आयोजित करती है | आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है, 1 October 1926 को British शासन के दौरान ही public service commission का गठन किया गया था|

हालांकि शुरुवात के दिनों में यह बहुत प्रभावी नहीं था किन्तु कुछ दिनों के बाद स्वतंत्रता आंदोलन के भारतीय नेताओं ने बेहतर सलाहकार निकाय के लिए जोर दिया और 1935 के भारत अधिनियम की सरकार द्वारा गहरा संघीय सार्वजनिक सेवा आयोग को स्थापित किया गया|

देश की आजादी के बाद 1950 में संविधान का निर्माण किया गया जिसमे नागरिक सेवा के लिए कर्मचारी भर्ती के लिए Federal public service commission के स्वतंत्र इकाई को सुनिचित किया गया जिसे union public service commission कहा गया | यूपीएससी की भूमिका प्रशासन के सुचारु कामकाज की सुविधा के लिए सरकार के विभिन्न विभागों में सलाहकार समिति के लिए सही उम्मीदवारों का चयन करना है ।

UPSC सिविल सेवा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के साथ ही के सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा, भारतीय वन सेवा परीक्षा, अनुभाग अधिकारी / आशुलिपिक (ग्रेड – ख / ग्रेड 1), इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, सम्मिलित चिकित्सा सेवा परीक्षा, भू-विज्ञानी परीक्षा, सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्ष, स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसेज़ परीक्षा के साथ ही भारतीय अर्थ सेवा भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा का भी आयोजन करता है।

UPSC exams के लिए eligibility

सिविल सेवा में बैठने के लिए सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 21 साल से लेकर 32 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं, ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट दी गई है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 5 साल की छूट का प्रावधान किया गया है।

इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी को स्नातक या समकक्ष होना आवश्यक है, फाइनल इयर के छात्र भी आवेदक हो सकते हैं। भारत का नागरिक होना आवश्यक है।

UPSC की परीक्षा में attend होने के लिए, एक candidate को (UGC ) के द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री का होना अनिवार्य है । जो candidate appearing year में है और अपने result के आने का wait कर रहे है वैसे उम्मीदवार भी यू.पी.एस्.सी के exam के लिए form को भर सकते हैं |

Selection Process

सभी योग्य उम्मीदवारों को उचित मौका देने के लिए कुछ नियम हैं जो की यूपीएससी के द्वारा एक व्यक्ति की नियुक्ति की प्रक्रिया में होती हैं | भर्ती तीन प्रक्रिया में किया जाता है।

  1. सीधे भर्ती (Direct Selection)
  2. Promotion of the employed civil servant,
  3. transfer on deputation or normal transfer

अभ्यार्थी का सीधा चयन लिखित परीक्षा या interview के माध्यम से होता है | इसके साथ ही UPSC में प्रत्येक पद के लिए एक अलग चयन प्रक्रिया और एक अलग पाठ्यक्रम और मापदंड होता है |

UPSC के 2 चरण है

सिविल सेवा की यह परीक्षा दो चरणों में ली जाती है। प्रथम चरण में प्रारंभिक परीक्षा और द्वितीय चरण में मुख्य परीक्षा। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं।

पहला सामान्य अध्ययन का, जो 50 अंक का होता है। इसमें प्रश्नों की संख्या 150 होती है। इसे हल करने के लिए 120 मिनट का समय दिया जाता है।

दूसरा प्रश्नपत्र है वैकल्पिक। यह 300 अंकों का होता है। इसमें 120 प्रश्न होते हैं। इसके लिए भी 120 मिनट यानी दो घंटे का समय निर्धारित है।

प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले को ही मुख्य परीक्षा में बैठने का अवसर मिलता है। शामिल किया जाता है! मुख्य परीक्षा के भी दो भाग होते हैं। पहला लिखित परीक्षा और दूसरा साक्षात्कार।

UPSC exam के लिए subject

UPSC की परीक्षा में बैठने के लिए आवेदक को ग्रेजुएट वाले विषय लेना जरूरी नहीं है। परीक्षार्थी 26 विषयों और 30 भाषाओं के साहित्य से वैकल्पिक विषय का चयन कर सकता है, लेकिन भाषा से एक ही भाषा ली जा सकती है।

इसके साथ ही कुछ विषयों को भी एक साथ रखने पर प्रतिबंध है जैसे-प्रबंध विषय के साथ लोक प्रशासन या फिर गणित के साथ सांख्यिकी।

 UPSC exam की शुरुआत

सिविल सेवा परीक्षा की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1854 में मैकाले रिपोर्ट के आधार पर भारत के लिए योग्यता आधारित सिविल सेवा परीक्षा के कांसेप्ट पर की थी। 1855 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन लंदन में हुआ था ।

इस परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष थी जबकि अधिकतम आयु मात्र 23 वर्ष रखी गई थी । परीक्षा में ज्यादातर प्रश्न यूरोप से संबंधित होते थे, जिससे भारतीयों का चयन बेहद कम होता था।

1864 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले पहले भारतीय का एसएन टैगोर थे। भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के बाद एक अप्रैल, 1937 को लोक सेवा आयोग, फेडरल लोक सेवा आयोग बन गया । इसके बाद 26 जनवरी, 1950 को को जब देश का संविधान लागू हुआ तो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 378 खंड (1) के आधार पर संघीय लोक सेवा आयोग का गठन हुआ।

UPSC पोस्ट पर हमारी राय

इस पोस्ट में हम ने जाना की UPSC क्या है, इसके एग्जाम, subject की जानकारीऔर UPSC full form In Hindi. हमे comment में बताये की आपको ये पोस्ट कैसी लगी. कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे.

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