March 3, 2021

Insurance क्या है? Insurance कितने प्रकार का होता है?

आज के इस पोस्ट What is Insurance In Hindi के माध्यम से हम जानेंगे की Insurance क्या है ? और Insurance कितने प्रकार का होता है ?
Insurance का अर्थ ‘जोखिम से सुरक्षा’ है। भविष्य में संभावित होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए बीमा पॉलिसी की जाती है क्योंकी हम नहीं जानते कि भविष्य में क्या होने वाला हैI अतः ‘Insurance’ भविष्य में होने वाले किसी नुकसान की आशंका से निपटने का एक हथियार है ।अगर कोई Insurance Company किसी भी व्यक्ति का बीमा करती है तो उस व्यक्ति को होने वाली नुकसान की भरपाई कम्पनी ही करेगी।
यह वास्तव में ‘Insurance’ कराने वाले व्यक्ति और कम्पनी के बीच एक Bond होता है। इसके अंतर्गत कम्पनी बीमा करने वाले व्यक्ति से एक निश्चित धनराशि लेती है और बीमा करने वाले व्यक्ति कम्पनी को नीति/पॉलिसी की शर्त के अनुसार नुकसान होने पर उसका हर्जाना देती है। जैसे ; अगर कम्पनी ने किसी घर, कार, स्मार्टफोन आदि का Insurance किया होगा तो उस चीज के टूटने या खोने की स्थिति में कम्पनी उसके मालिक को तय शर्त के हिसाब से मुआवजा देगी।

◆Insurance के प्रकार:

सामान्यतः Insurance 2 प्रकार के होते हैं-
1- Simple Insurance
2-Life Insurance

1- साधारण Insurance में वाहन, पशु, घर, स्वास्थ्य बीमा , फसल इत्यादि शामिल होते हैं;
•Health Insurance –
इस बीमा को कराने से बीमा कम्पनी बीमार होने ( कैसी भी बीमारी )पर इलाज कराती है। किसी बीमारी पर खर्च होने वाला धन की सीमा आपके स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर निर्भर करती है।
• Vehicle Insurance –
कानून के हिसाब से सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहन का Insurance होना चाहिए । यदि आपके पास कोई दो पहिया या तिपहिया वाहन है तो उसका बीमा जरूर कराएं। इस बीमा के अनुसार वाहन को हुए किसी भी नुकसान (चोरी या दुघर्टनाग्रस्त) की भरपाई बीमा कम्पनी करती है। आपके वाहन से किसी की मौत हो जाने या उसके चोट लग जाने पर इस बीमा का बहुत अधिक फायदा आप को होता है, इसको Third- Party Insurance के तहत कवर किया जाता है।
•Home Insurance-
बीमा पॉलिसी कराने के बाद अगर आपके मकान को कोई नुकसान होता है तो उसकी भरपाई कम्पनी करती है। इसमें घर को प्राक्रतिक आपदाओं जैसे; भूकंप, आकाशीय बिजली, बाढ़, आग आदि । कृत्रिम आपदाओं जैसे; लड़ाई दंगे, चोरी, आग आदि से होने वाले नुकसान शामिल हैं।
•Travel Insurance-
यदि कोई व्यक्ति बाहर घूमने जाता है तो उसका सामान चोरी हो जाये या उसको चोट लग जाये तो कम्पनी द्वारा उसको मुआवजा दिया जाता है, इस बीमा में अलग अलग कम्पनी की अलग अलग शर्त हो सकती हैं। ये पॉलिसी यात्रा शुरू होने से समाप्ति तक ही वैध होती है।
• Crop Insurance-
वर्तमान नियमानुसार कृषि लोन लेने वाले प्रत्येक किसान को इस बीमा को खरीदना जरूरी है। फसल को किसी भी तरह का नुकसान कैसे आग लगने या बाढ़ से फसल के खराब हो जाने के कारण कम्पनी किसान को मुआवजा देती है। लेकिन वास्तव में फसल खराब हो जाने पर कम्पनियाँ उस खेत के आस पास के सभी खेतों के सर्वे करती हैं, और मुआवजा भी तभी दिया जाता है जब अधिकांश किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा हो।
•कारोबार उत्तरदायित्व बीमा-
किसी उत्पादक से ग्राहक को होने वाले नुकसान या किसी कम्पनी की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई कम्पनी ही करती है। बीमा कम्पनी को इस तरह की स्थिति में कम्पनी पर लगाने वाला जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का पूरा खर्च लायबिलिटी इंश्योरेंस करने वाली बीमा कम्पनी को उठाना पड़ता है।

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2- जीवन बीमा (Life Insurance)

में व्यक्ति के जीवन का बीमा किया जाता है, इसमें मृत्यु की वजह से पैदा होने वाली समस्यायों का आंशिक समाधान है। ये भी दो प्रकार का होता है-

●Term Insurance Policy– इंश्योरेंस का सबसे सस्ता और आसान रूप है इसकी अवधि 15-20 साल की होती है, ये इंश्योरेंस यह निश्चित करता है कि आपके न रहने पर आपके परिवार को एकमुश्त राशि मिल जाएगी।

● Whole Life Policy– ये पूरे जीवन के लिए या 100 वर्ष की उम्र तक के लिए इंश्योरेंस कवर प्रदान करता है, इसके अलावा कम्पनी एकमुश्त राशि पर बोनस भी कैलकुलेट करती है, तथा बीमा धारक के न रहने पर ये उसके नॉमिनी को दी जाती है अतः ये इंश्योरेंस ओर इन्वेस्टमेंट का दोहरा लाभ प्रदान करती है।
●Money Back लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी- इसके अंतर्गत कम्पनी बीमा धारक को समय-समय पर कुछ पैसे वापस भी करती हैं। ये क्रम तब तक जारी रहता है जब तक पॉलिसी चलती है, वहीं धारक की मृत्यु के पश्चात उसके परिजनों को एकमुश्त राशि दे दी जाती है।
● इंडोवमेंट पॉलिसी- जोखिम से सुरक्षा देने के साथ साथ ये वित्तीय बचत का भी उत्पाद है। क्योंकि इसमें इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ इंश्योरेंस का भी लाभ मिलता है। बीमित व्यक्ति के प्रीमियर को दो भागों में बांटा जाता है, पहला भाग एकमुश्त राशि के रूप में देने के एवज में सुरक्षित कर लिया जाता है जबकि दूसरे हिस्से को मार्किट के टूल्स में निवेश किया जाता है।

◆इंश्योरेंस कम इन्वेस्टमेंट
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ulp)- इसमे निवेश से आपमें एक नियमित सेविंग्स की आदत पड़ जाती है जो कि आपकी पूँजी बढ़ाने में हेल्प करती है।इसमे प्रीमियम का एक हिस्सा इक्विटी और डेब्ट में निवेश कर दिया जाता है जबकि दूसरा हिस्सा बीमित व्यक्ति को लाइफ कवर उपलब्ध कराने में हेल्प करता है।

आज के इस पोस्ट में हमने आपको बताया की Insurance क्या है ? Insurance कितने प्रकार का होता है ? आशा करते है की आपको हमारी ये पोस्ट Insurance क्या है, जरूर पसंद आयी होगी I इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करेंI साथ ही अगर आपके पास कोई जरूरी सुझाव या सलाह हो तो हमें कमेंट कर के जरूर बताएं I

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