February 26, 2021

INR full form – INR क्या है?

क्या आप ₹ को पहचानते हैं, अगर नही तो परेशानी की कोई बात नही क्योंकि मैं आपको इसके बारे में आज पूरी जानकारी देने वाला हूँ। आपने बैंक पासबुक तो जरूर देखा होगा, तो दिमाग पर थोड़ा जोर लगाइये क्योंकि आपने INR को वहां जरूर देखा होगा। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बताएंगे कि INR का full form क्या होता है?, INR क्या है? INR का सिंबल क्या है? INR ka etymology (नामकरण), INR की हिस्ट्री और भारतीय नोटों की सुरक्षा कैसे होती है?

INR full form in Hindi

INR का फुल फॉर्म – Indian Rupees.

INR in Hindi – इंडियन रूपीस

INR क्या होता है?

फुल फॉर्म से आपको पता तो चल ही गया होगा की INR जिसे Indian Rupee कहते हैं वो हमारे भारत की राष्ट्रीय मुद्रा है। यह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हमारे राष्ट्र की पहचान है। इसका बाज़ार नियामक और जारीकर्ता भारतीय रिज़र्व बैंक है। नये प्रतीक चिन्ह के आने से पहले रुपये को हिन्दी में दर्शाने के लिए ‘रु’ और अंग्रेजी में Re। (1 रुपया), Rs। और Rp। का प्रयोग किया जाता था। आपको बता दें कि एक रुपये में 100 पैसा होता है।

INR का सिंबल क्या है?

भारतीय मुद्रा(INR) के लिए एक आधिकारिक प्रतीक-चिह्न दिनांक 15 जुलाई, 2010 को चुन लिया गया है, वो है ‘₹’ । इसे आईआईटी, गुवाहाटी के प्रोफेसर डी। उदय कुमार ने डिज़ाइन किया है। अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउण्ड, जापानी येन और यूरोपीय संघ के यूरो के बाद रुपया पाँचवी ऐसी मुद्रा बन गया है, जिसे उसके प्रतीक-चिह्न से पहचाना जाएगा। इसके लिए एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसके अन्तर्गत सरकार को तीन हज़ार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। फिलहाल इस चिह्न को कम्प्यूटर पर मुद्रित करने के लिये कुछ नॉन-यूनिकोड फॉण्ट बनाये गये हैं।

INR का etymology (नामकरण )-

भारत के अधिकांश भागों में रुपये को इन नामों से जाना जाता है: हिन्दी में रुपया, गुजराती में रुपियो, तेलुगू , तुलू भाषा और कन्नड़ में रूपाइ, तमिल में रुबाइ, मलयालम में रूपा, मराठी (रुपये) में रुपये या संस्कृत से निकले अन्य शब्द जैसे रूप्यकम्, रूप्यकं इत्यादि। संस्कृत में रौप्य का अर्थ होता है चाँदी; रूप्यकं का अर्थ होता है चाँदी का सिक्का। हालांकि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिज़ोरम, उड़ीसा और असम में रुपये को आधिकारिक रूप से संस्कृत के तनक नाम से जाना जाता है। इसलिए रुपये को बंगाली में टका, असमिया में तोका और उड़िया में टन्का के नाम से जाना जाता है और रोमन अक्षर ‘T’ से भारतीय बैंकनोटों में दर्शाया जाता है।

INR की history-

रुपया शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम शेर शाह सूरी ने भारत मे अपने शासन सन्न 1540-1545 के दौरान किया था। शेर शाह सूरी ने अपने शासन काल में जो रुपया चलाया वह एक चाँदी का सिक्का था जिसका भार 178 ग्रेन (11.53 ग्राम) के लगभग था। उसने तांबे का सिक्का जिसे दाम तथा सोने का सिक्का जिसे मोहर कहा जाता था, को भी चलाया। शेर शाह सूरी के शासनकाल के दौरान आरम्भ किया गया ‘रुपया’ आज तक प्रचलन में है।
पहले रुपया (11.66 ग्राम) 16 आने या 64 पैसे या 192 पाई में बाँटा जाता था।

भारतीय नोटों की सुरक्षा कैसे होती है?

भारतीय नोटों की सुरक्षा के लिए काफी तरीके इज़ाद किये गए हैं, जिससे असली और जाली नोटों में फर्क किया जा सके। इन नोटों की सुरक्षा के लिए नोटों के ऊपर 9 अलग अलग तरह की पहचान बनाई गई है-:

  1. वाटरमार्क
  2. सुरक्षा धागा
  3. अप्रकट छवि
  4. सूक्ष्मलेखन
  5. उत्कीर्णन
  6. पहचान चिह्न
  7. प्रतिदीप्ति
  8. प्रकाश में परिवर्तनीय स्याही
  9. अंकन को समझझना

इतने सुरक्षा इंतजाम के साथ साथ भारत सरकार ने जालसाजी के विरूद्ध विविध प्रावधान किये हैं। जाली नोटों का मुद्रण और परिचालन भारतीय दण्ड संहिता की धाराओं 489ए से 489इ के अंतर्गत अपराध है तथा किसी विधिक न्यायालय द्वारा आर्थिक दण्ड अथवा कारावास अथवा दोनों के रूप में दण्डनीय है।

INR पोस्ट पर हमारी राय

इस पोस्ट में हम ने जाना की कैसे INR को इसका सिंबल मिला और इस सिम्बल का क्या मतलब है। इस पोस्ट में हम ने INR full form in Hindi और नोटों की सेफ्टी की भी बात की।
अगर आपका कोई सवाल हो तो comment में ज़रूर पूछे।

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