What is the full form of NAMO?

    • Full Form of namonia

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    • Narendra Damodardas Modi is an Indian politician and the 15th Prime Minister of India. He started his formal political journey from the state of Gujarat and considers former Prime Minister of India Shri Atal Bihari Vajpayee as his mentor and Guru. He has been the most popular Chief Minister of Gujarat since he was propelled to that position in the year 2001. His followers and detractors alike are very opinionated about him and people have very polarized view of him. He was born on 17 September 1950 and became the 14th Chief Minister of Gujarat. He is a member of the Bhartiya Janta Party(BJP) and Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS).

      He has been a controversial and much debatable figure both in India and outside India more specifically for his alleged role in the Godhra incidence and the Gujarat violence following it(none of which has been proved till the year 2013). The highest court in the country the Honorable Supreme Court of India in its ruling has found him not guilty for the Gujarat riots. These fact has not deterred his followers from raising the riots of 2002, whenever there is a discussion on Narendra Modi.

      NaMo is widely seen as a development friendly new age politician by his supporters and has been hailed for the phenomenal growth rate of Gujarat during the decade 2000-2011.

      Some political pundits consider him to be a great marketeer of the brand Modi and the term “NaMo” is seen as a step in the same direction.

      The media has coined another term “Namonia” by mixing the terms NaMo and pneumonia to refer to a frenzy of his charm among his followers. The fervor of Namonia was on its peak during the General Election of May 2014, in which Narendra Modi led his coalition force- the NDA to a surprising absolute majority in the lower house of the parliament. The elections also saw one of the worst defeats for INC- the grand old party of India.

5 Responses to What is the full form of NAMO?

Recently there has been a talk of of Namo wave. Is there really a wave or is it media created?

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I think there is a Namo wave among certain sections especially the youths. But then again the PR machinery of BJP is excellent specially on the internet.

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आदरणीय, प्रधान मंत्री, श्री नरेन्‍द्र भाई मोदी जी,
मै यह कहना चहाता हूँ कि बार बार भारत के बहुत से प्रदेश विशेष राज्‍य का दर्जा दिये जाने हेतु मॉंग करते रहते हैं, जबकि भारत के हर प्रदेश में किसी न किसी रूप में पिछडापन दिखाई देता है, जिस कारण समय-समय पर नवीन प्रदेश बनाने की मॉंग उठती है एक नवीन प्रदेश के बनने के साथ क्षेत्रवाद की एक नवीन भावन भी उत्‍पन्‍न होती है, और राष्‍ट़्रीय राजनीती में एक क्षेत्रीय विषमता उत्‍पन्‍न होती, फलस्‍वरूप केंन्‍द्रीय राजनीत में एक समस्‍या इस प्रकार भारत की राजनीतिक इच्‍छाशक्ति विश्‍व के समक्ष कमजोर पडती है, अत: भारत में अब नवीन राज्‍यों का निर्माण न किया जाये और खास कर उत्‍तर प्रदेश का विभाजन किसी भी सूरत में न किया जाये ब‍ल्कि जो भी क्षेत्र किसी भी द़ष्टिकोण से पिछडे है उनको विकसित करने के लिये सीधे सीधे प्रधानमंत्री की अध्‍यक्षता में एक केन्‍द्रीय विकास प्राधिकरण का निर्माण किया जाये और राज्‍य को उस क्षेत्र के लिये दिये जाने वाले विशेष पैकेजो को सीधे ही प्रधानमंत्री के संरक्षण में खर्च किया जाये, इससे भारत की जनता, व उस क्षेत्र व प्रदेश की जनता को अनुभव होगा की केन्‍द्र और राज्‍य सरकार उनके लियें किस स्‍तर पर कार्य कर रहे है और केन्‍द्र द्वारा किये जाने वाले इस कार्य से प्रभावित होकर राज्‍य सरकार भी उस क्षेत्र विशेष के लिये कार्य करें, इससे राज्‍य व केन्‍द्र के मध्‍य एक विकास को लेकर एक प्रतिद्धन्‍दिता उत्‍तन्‍न होगी और नकारा राज्‍य सरकारें भी अपने प्रदेश को विकास के रास्‍ते पर अग्रसर करने के लिये बाध्‍य हो जायेंगी, जबकि हम विकास के नाम पर हम एक नवीन प्रदेश का निर्माण करते है तो व्‍यर्थ में नेता मंत्रियों के पदों का स्रजन करना पडता और इसी में उस क्षेत्र विशेष का विकास डूब जाता है व्‍यर्थ में जनता को आर्थिक बोझ झेलना पडता है। कृपया मेरे सुझाव पर विचार करनें की कृपा करें ।

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आदरणीय,
प्रधान मंत्री,
श्री नरेन्‍द्र भाई मोदी जी,
मै यह कहना चहाता हूँ कि बार बार भारत के बहुत से प्रदेश विशेष राज्‍य का दर्जा दिये जाने हेतु मॉंग करते रहते हैं, जबकि भारत के हर प्रदेश में किसी न किसी रूप में पिछडापन दिखाई देता है, जिस कारण समय-समय पर नवीन प्रदेश बनाने की मॉंग उठती है एक नवीन प्रदेश के बनने के साथ क्षेत्रवाद की एक नवीन भावन भी उत्‍पन्‍न होती है, और राष्‍ट़्रीय राजनीती में एक क्षेत्रीय विषमता उत्‍पन्‍न होती, फलस्‍वरूप केंन्‍द्रीय राजनीत में एक समस्‍या इस प्रकार भारत की राजनीतिक इच्‍छाशक्ति विश्‍व के समक्ष कमजोर पडती है, अत: भारत में अब नवीन राज्‍यों का निर्माण न किया जाये और खास कर उत्‍तर प्रदेश का विभाजन किसी भी सूरत में न किया जाये ब‍ल्कि जो भी क्षेत्र किसी भी द़ृष्टिकोण से पिछडे है उनको विकसित करने के लिये सीधे सीधे प्रधानमंत्री की अध्‍यक्षता में एक केन्‍द्रीय विकास प्राधिकरण का निर्माण किया जाये और राज्‍य को उस क्षेत्र के लिये दिये जाने वाले विशेष पैकेजो को सीधे ही प्रधानमंत्री के संरक्षण में खर्च किया जाये, इससे भारत की जनता, व उस क्षेत्र व प्रदेश की जनता को अनुभव होगा की केन्‍द्र और राज्‍य सरकार उनके लियें किस स्‍तर पर कार्य कर रहे है और केन्‍द्र द्वारा किये जाने वाले इस कार्य से प्रभावित होकर राज्‍य सरकार भी उस क्षेत्र विशेष के लिये कार्य करेंगी, इससे राज्‍य व केन्‍द्र के मध्‍य एक विकास को लेकर एक प्रतिद्धन्‍दिता उत्‍तन्‍न होगी और नकारा राज्‍य सरकारें भी अपने प्रदेश को विकास के रास्‍ते पर अग्रसर करने के लिये बाध्‍य हो जायेंगी, जबकि जब हम विकास के नाम पर हम एक नवीन प्रदेश का निर्माण करते है तो व्‍यर्थ में नेता मंत्रियों के पदों का सृजन करना पडता और इसी में उस क्षेत्र विशेष का विकास डूब जाता है व्‍यर्थ में जनता को आर्थिक बोझ झेलना पडता है। कृपया मेरे सुझाव पर विचार करनें की कृपा करें ।हम एक ऐसे राष्‍ट्र का निर्माण करने जहॉं राजनीतिज्ञ राजनीति को एक स्‍टेटस सिम्‍बल न समझ कर राष्‍ट्रसेवा का माध्‍यम समझे और स्‍वयं को राजा न समझ कर एक देशभक्‍त।

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A joke on Namo which I found really funny… Recently the terms Namo and Raga for Narendra Modi and Rahul Gandhi respectively, have been used quite extensively by the media. After this episode following persons have decided not to join politics.. HArish GOenka and MUkesh TOmar.
:)

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