February 27, 2021

Fastag kya hai?

Fastag क्या है? What is Fastag In HIndi?

यह स्कीम सबसे पहले भारत में 2014 में अहमदाबाद और मुम्बई हाईवे के बीच शुरू की गई थी। जुलाई 2015 में इसको चेन्नई-बंगलुरु टोल प्लाजा पर शुरू किया गया था। National Highway Authority of India द्वारा भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम, टोल प्लाज़ाओं पर टोल कलेक्शन सिस्टम से होने वाली परेशानियों का हल निकालने के लिए शुरू किया गया है। Fastag की मदद से आप बिना रुके आप टोल प्लाजा टैक्स दे सकेंगे , क्योंकी ये स्कीम टोल टैक्स में आने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए है। आप इस टैग को किसी भी सहभागिता बैंक या अधिकारिक टैग जारीकर्ता से खरीद सकते हैं। अभी तक ये भारत के 332 टोल प्लाज़ाओं पर लागू कर दिया गया है। इसे धीरे -धीरे भारत के सभी टोल प्लाज़ाओं पर लागू किया जा रहा है। इसके लिए सर्फ आपको अपने वाहन पर ये टैग लगाना होगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी गाड़ी निर्माताओं कंपनी और वाहनों के डीलरों को ये सुनिश्चित करने को कहा है कि 1 दिसम्बर से उनसे खरीदे जाने वाले वाहनों पर उसके मालिक द्वारा Fastag लगवाना जरूरी है। अतः 1 दिसंबर 2019 के बाद से बिकने वाले सभी प्रकार के चार पहिया वाहनों पर Fastag लगाना जरूरी है।

 Fastag kaise kam karta hai ?

गाड़ी के विंडस्क्रीन में Fastag लगाया जाता है, इसमे Radio Frequency Identification (RFI) लगा होता है, जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आती है, टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगे Fastag के संपर्क में आता है और उसके बाद आपके Fastag Account से उस प्लाजा पर लगने वाला शुल्क काट लिया जाता है। जब भी आप Fastag लगे वाहन से किसी टोल प्लाजा को पार करते हैं तो Fastag Account से आपका शुल्क कटते ही आपके पास SMS आ जायेगा जिसके जरिये Account से काटी गयी राशि के बारे में आपको पता चल जाएगा कि कितनी राशि आपके एकाउंट से काटी गई है। इस तरह आप वहां बिना रुके ही प्लाज़ा टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। जब आपकी Fastag account की राशि खत्म हो जाएगी तब आपको फिर से रिचार्ज कराना पड़ेगा। गाड़ी में लगा ये Fastag आपके खाते से सक्रिय होते ही अपना कार्य शुरू कर देता है। 5 वर्ष के बाद आपको नया Fastag अपने वाहन पर लगवाना पड़ेगा क्योंकि इसकी वैधता सिर्फ 5 वर्ष की ही होगी।

इसे भी जाने-

BS-6 In Hindi

LMV NT Full Form in Hindi – LMV NT का क्या मतलब है?

Fastag के फायदे-

सड़क व परिवहन मंत्रालय ने टोल प्लाजा में टैक्स देने के कारण लगने वाले ट्रैफिक और खुले पैसे की समस्या से निजात पाने के लिए इस सिस्टम को कई टोल प्लाज़ाओं पर लागू कर दिया है।
•इसकी मदद से आपके पेट्रोल, डीजल व समय की भी बचत होगी।
•साल 2016-17 के बीच इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को सभी टोल भुगतानों पर 10% का कैशबैक भी मिलेगा।
•2017-18 के बीच आपको 7.5% कैशबैक
•2018-19 के बीच 5% कैशबैक
•2019-20 के तक 2.5% कैशबैक मिलेगा।
आपके fastage account में ये कैशबैक एक सप्ताह के भीतर ही आ जायेगा।

Fastag का रिचार्ज कहाँ से करें?

डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड ,नेट बैंकिंग व आरटीजीएस के द्वारा अपने Fastag Account को रिचार्ज करा सकती हैं। इस Account में कम से कम 100 व ज्यादा से ज्यादा 1 लाख तक का ही रिचार्ज कराया जा सकता है। आप किसी भी Point of sell (POS) के अंदर आने वाले टोल प्लाजा ओर एजेंसी में जाकर अपना Fastag Steeker और Fastag Account खुलबा सकते हैं। National Highway Authority Of India की Website में जाकर आप अपने आसपास के Point of sell की जगह का पता कर सकते हैं। वहीं आप SBI bank, ICICI bank, HDFC bank, PNB, payTm, Syndicet bank, Axis bank, करूर व्यास Bank के जरिये भी आप अपने Fastag Account को रिचार्ज कर सकते हैं। इस एकाउंट को खोलने के लिए आपको निम्न Documents की आवश्यकता होती है-
• गाड़ी मालिक के पासपोर्ट साइज फ़ोटो
• गाड़ी के पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC)
• वाहन मालिक के KYC Documents और कोई भी Documents जिस पर आपके घर का पता हो।

Note- POS के अंदर अभी ICICI bank व Axis bank ही आते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!