March 3, 2021
CGPA एक grading system है तो जानते है CGPA full form in Hindi के बारे में.

CGPA full form in Hindi – CGPA क्या है?

करीब आठ साल पहले सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षा में सौ नंबर का सिस्टम खत्म कर ग्रेडिंग प्रणाली शुरू कर दी थी। इसके पीछे मकसद यह था कि बजाय नंबरों के छात्र को उसकी ओवर आल परफार्मेंस के आधार पर ग्रेड दिए जाएं।

दरअसल, उसका मकसद छात्रों में टापर छात्रों के नंबरों की वजह से आने वाली हीन भावना को खत्म करना था। एक सोच यह भी थी कि छात्र कुछ विषय रटकर या कोचिंग से अच्छे मार्क्स तो ले आता है और टाप भी कर लेता है, लेकिन उसका ओवर आल डेवलपमेंट इससे नहीं आंका जा सकता। ऐसे में उसने ग्रेडिंग के लिए CGPA का सहारा लिया।

क्या आप जानते हैं कि CGPA full form in Hindi, CGPA क्या है और इसे कैसे कैलकुलेट करते हैं? अगर नहीं तो हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी देंगे-

CGPA full form in Hindi

CGPA एक grading system है तो जानते है CGPA full form in Hindi के बारे में.
CGPA full form in Hindi

CGPA की फुल फार्म – Cumulative grade point average

C – Cumulative
G – Grade
P – Point
A – Average

CGPA in Hindi – क्युमुलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज

यह एक ग्रेडिंग सिस्टम है, जिसे स्कूल, कालेजों में छात्र की ओवर आल परफार्मेंस नापने के लिए किया जाता है।

CGPA का काम –

CGPA एक छात्र के सभी विषयों में हासिल नंबरों का फ़ाइनल औसत बता देता है| भारत में CGPA की ग्रेडिंग प्रतिशत आधार पर होती है। CGPA निकालने के लिए सामान्यतः एवरेज तरीके का ही इस्तेमाल किया जाता है। यह भी बता दें कि हर देश में  CGPA निकालने का तरीका अलग-अलग है। कई नौकरियों के लिए प्रमोशन के वक्त भी ग्रेडिंग की इसी प्रणाली से कर्मचारी की ओवर आल परफार्मेंस आंकी जाती है।

यूं निकालें CGPA

Cumulative Grade Point Average (CGPA) एक तरह का grading system है जो Schools, Colleges और विश्वविद्यालयों में छात्रों के शैक्षिक प्रदर्शन academic performance को calculate करने लिए उपयोग किया जाता है | CGPA पुरे विषयों के grade points के फाइनल average देता है जिसमे अतरिक्त विषय को शामिल नहीं किया जाता है |

CGPA की प्रतिसत प्रतिशत मान निकलने के लिए CGP को 9.5 से गुना किया जाता है | उदाहरण के लिए जैसे किसी student का CGPA 8.5 है तो प्रतिशत अंक (8.5×9.5 = 80.75) यानी की इस छात्र को 80.75% अंक हासिल हुए है, अब ये अंक marks की range पर निर्भर करता है की grade और grade point तैयर की गई grade point A1, A2, B1, B2, C1, C2, D, E1, और E2 में शामिल है | सबसे अधिक grade point वही है जो A1 scoring के साथ हासिल करता है, और सबसे lowest scoring D होता है जो की CGPA के आधार पर 4.0 होता है | छात्रों को उच्च अध्ययन के लिए नामांकन उनके CGPA points पर दिया जाता है |

Grading alphabetical रूप में किया जाता है जो की O, A, B, C, D, E, F | O grade मिलने का मतलब होता है Outstanding performance , A का मतलब होता है उत्तम (excellent), B का मतलब होता है बहुत अच्छा, C का मतलब होता है अच्छा, D का मतलब होता है मध्यम, E का मतलब होता है ka matlab औसत से कम और F का मतलब फेल होता है |

ये alphatbets मुख्य अंक के रेंज को दर्शाते हैं 90+ को O दिया जाता है 80-85 को A दिया जाता है | ये सभी अंक institue के हिसाब से set किये जाते हैं |

Percentage CGPA Classification

90% -100% O or A+ Outstanding
70% – 89% A First class
50% – 69% B+ Second class
40% – 49% B Pass class
Below 39 F Fail

https://www.youtube.com/watch?v=xE8Hxu5IP5g

CGPA पोस्ट पर हमारी राय

सीबीएसई ने जब छात्रों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली रखी तो उसने ए1, ए2, बी1, बी2, सी1, सी2, डी, ई-1 और ई-2 ग्रेड रखे। ए-1 में 91 से 100 फीसदी अंक वाले रखे। वहीं ई-2 में वह रखे थे, जिन्हें सुधार की बेहद जरूरत थी। उसने समेटिव एसेसमेंट की भी व्यवस्‍था की ताकि न केवल पढ़ाई, बल्कि दूसरे स्किल्स के आधार पर भी छात्रों को ग्रेड मिल सकें।

कई टापर बच्चों ने इस प्रणाली का विरोध भी किया। क्योंकि ए-1 ग्रेड में कई बच्चे आते थे। वह पढ़ाई के दम पर अपना नाम टापर के रूप में देखने से महरूम हो रहे थे। कुछ ही समय पहले सीबीएसई ने फिर से पुरानी प्रणाली पर लौटने का फैसला किया। इससे कम से कम वह बच्चे निराश हुए, जो पहले वाली प्रणाली के तहत आसानी से अगली कक्षा में जाने का सपना संजोए हुए थे।

आशा करते है की आपको CGPA full form in Hindi पोस्ट पसंद आई होगी.

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