February 26, 2021

Article 370 In Hindi

आज के इस पोस्ट में हम आपको आर्टिकल 370 के बारें में सारी जानकारी देने वाले हैं I यहां पर हम आपको Article 370 In Hindi क्या है, इससे जुडी सारी जानकारी देने वाले हैंI

History Of Article 370 In Hindi-

15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन की समाप्ति के साथ ही जम्मू – कश्मीर स्वतंत्र हुआ । यहां के शासक महाराजा हरिसिंह ने फैसला किया कि वे भारत या पाकिस्तान में शामिल नहीं होंगे और स्वतंत्र रहेंगे । परंतु 20 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान समर्थित सेना द्वारा राज्य पर आक्रमण करने के पश्चात, वहां के शासक ने राज्य को भारत में विलय करने का निर्णय लिया और 26 अक्टूबर 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाराजा हरिसिंह द्वारा ‘जम्मू – कश्मीर के भारत में विलय-पत्र’ पर हस्ताक्षर किए गए । इसके अंतर्गत राज्य ने केवल तीन विषयों- रक्षा ,विदेशी मामले एवं संचार पर ही अपना अधिकार छोड़ा था । इसके परिणाम स्वरूप भारत के संविधान में अनुच्छेद 370 को जोड़ा गया । इसमें स्पष्ट कहा गया है कि जम्मू – कश्मीर से संबंधित राज्य उपबंध केवल अस्थायी हैं, स्थायी नहीं । यह 17 नवंबर 1952 से संचालित हुआ।

आखिर क्यों Article 370 इतनी चर्चा में रहा ?

हाल ही में संसद ने जम्मू – कश्मीर पुनर्गठन विधेयक , 2019 पारित किया , जिसमें राज्य से संबंधित Article 370 के सारे खंडो को हटा दिया गया सिवाय 1 को छोड़कर ,जिसके बाद राज्य में अनुच्छेद 370(1) ही लागू रहेगा जो संसद द्वारा जम्मू – कश्मीर के लिए कानून बनाने से संबंधित है।

जम्मू – कश्मीर की संवैधानिक स्थिति :

इस राज्य की भारत के संविधान के अधीन एक अनोखी स्थिति है। यह संविधान के अनुच्छेद 1 में परिभाषित भारत के राज्य क्षेत्र का भाग है। यह संविधान की यथा संशोधित पहली अनुसूची में सम्मिलित 15वाँ राज्य है।
मूल संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू -कश्मीर को विशेष संविधानिक दर्जा दिया गया था । जिससे भारत के संविधान के सभी उपबन्ध जो पहली अनुसूची के राज्यों से सम्बंधित हैं ,जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होते थे ,यद्यपि वह उस अनुसूची में विनिर्दिष्ट राज्यों में से एक है। परंतु 5 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति के आदेश द्वारा जम्मू -कश्मीर को प्राप्त यह दर्जा समाप्त कर दिया गया , अतः इस पर वे सभी उपबंध उसी प्रकार लागू होंगे जैसे अन्य राज्यों पर लागू होते हैं।

Article 370 की भूमिका :

यह एक मूलभूत आदेश है, जो समय समय पर सुधार एवं परिवर्तन के साथ , राज्य की संवैधानिक स्थिति एवं संघ के साथ इसके संबंध को व्यवस्थित रखता है। Article 370 के प्रावधान-
• भारत के संविधान के भाग -1 तथा अनुसूची 1 में रखा गया है। किंतु इसका नाम , क्षेत्रफ़ल या सीमा को केंद्र द्वारा बिना इसके विधानसभा की सहमति से नहीं बदला जा सकता है।
• भारत के संविधान का भाग -4 ( राज्य सरकार से संबंधित) इस राज्य पर लागू नहीं है। इस भाग के अंतर्गत राज्य की परिभाषा में जम्मू एवं कश्मीर शामिल नहीं है।
• संसद राज्य के संबंध में संघ सूची में उल्लिखित विषयों पर और समवर्ती सूची पर विधि बना सकती है, परंतु अवशेषीय शक्तियाँ राज्य विधानमंडल के पास हैं।
• भाग 4 एवं भाग 4 (क) , [हिन्दू विवाह , सूचना का अधिकार एवं अनुसूचित जाति- जनजाति ]अधिनियम भी राज्य पर लागू नहीं होते ।
• भाग 3 कुछ अपवादों एवं शर्तों के साथ राज्य में लागू है, राज्य में संपत्ति का अधिकार मूल अधिकार में आता है।
• आंतरिक असंतुलन की स्थिति में घोषित आपातकाल राज्य की विधानमंडल की सहमति के लागू नहीं होगा , राज्य के संबंध में राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने का अधिकार नहीं हैI, राष्ट्रपति राज्य के संविधान को उसके दिए गए निर्देशों(अनुच्छेद365) को न मानने की स्थिति में विघटित नहीं कर सकता ।
• राज्य के किसी क्षेत्र को प्रभावित करने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि को केंद्र , जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल की सहमति के बिना प्रभावी नहीं कर सकता ।
• राज्य पर कोई भी संशोधन लागू नहीं होगा जब तक राष्ट्रपति के आदेश द्वारा विस्तारित न हो जाये ।
• 5वीं एवं 6वीं अनुसूची इस राज्य पर लागू नहीं होती ।
• सुप्रीम कोर्ट के विशेष अधिकार( अनुच्छेद 135 और 139 को छोड़कर ) ,चुनाव आयोग , नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का अधिकार क्षेत्र राज्य पर लागू है।

अनुच्छेद 35A हटाने के औचित्य और 370 के अप्रभावी होने के मायने :

•अनुच्छेद 35A महिला अधिकारों और समानता के अधिकारों का हनन करता है।
• अनुच्छेद 35A हटाने से वहां के दलित समुदाय को भी सरकारी नौकरियों में स्थान मिल सकेगा ।
• वे लोग जो वहां रोजगार कर रहे थे उनको वोट का अधिकार नहीं था लेकिन 35A के हटने से उनको वोट का अधिकार मिल जाएगा ।
• इसके हटने से यहां संपत्ति खरीदने पर्याप्त संख्या में निवेशक आएंगे और जाएंगे जिससे रोजगार के अवसर खुलेंगे और यहां का विकास होगा ।
• जम्मू -कश्मीर में लगभग वर्षों से हिंसात्मक घटनाएं देखने को मिल रही थीं इसके हटने से हिंसा पर लगाम लगेगी और यहां का विकास होगा , यहां की सुरक्षा स्थितियों को भी बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा ।
सही अर्थों में भारत का एकीकरण हुआ है एवं सभी नागरिकों को समान अधिकार मिला है।

अनुच्छेद 35A को हटाने और 370 को आप्रभावी करने के विपक्ष में तर्क :

• विधि विशेषज्ञों के अनुसार – ‘संविधान सभा’ को विधान सभा के समतुल्य नहीं माना जा सकता यह तर्कसंगत नहीं है।
• इस कदम से कश्मीर के युवाओं में उग्रवाद एवं अलगाववाद की भावना और पनपेगी।
• एकाएक अनुच्छेद 370 को अप्रभावी करने के बजाय अगर धीरे-धीरे मन्द किया जाता तो एक बेहतर तरीका होता ।

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अनुच्छेद 370 के अप्रभावी होने से होने वाले परिवर्तन :

अब जम्मू कश्मीर में बाहर के लोग भी जमीन खरीद सकेंगे , यहां का झंडा अलग नहीं होगा ,भारत का संविधान लागू होगा ,जम्मू-कश्मीर और लद्धाख अब अलग अलग केन्द्रशासित प्रदेश होंगे लेकिन जम्मू कश्मीर में विधानसभा होगी लद्धाख में नहीं। स्थानीय लोगो के विशेषाधिकार समाप्त होंगे । अनुच्छेद 370 का केवल खंड 1 ही लागू होगा , यहां की लड़कियां अब बाहर के लड़कों से शादी कर सकेंगी। यहां की सरकार का कार्यकाल अब 6 वर्ष नहीं 5 वर्ष होगा। भारत का कोई भी नागरिक अब यहां नौकरी कर सकेगा । अब से भाग 4, भाग 4(क), हिन्दू विवाह , सूचना का अधिकार तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम इस राज्य में लागू होंगे। रणबीस दंड संहिता (RPC) की जगह भारतीय दंड संहिता (IPC)प्रभावी होगी।

आगे की राह क्या होगी?

केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों की वास्तविक समस्यायों को समझना चाहिए , वहां के नागरिकों को यह आश्वासन देना चाहिए की भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है सरकार के इस कदम से किसी भी धर्म में कोई भेदभाव नहीं होगा।
सरकार की यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि विकास की गति को तीव्रता प्रदान करें और निवेशकों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करें ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके। एक बेहतर शासन व्यवस्था लाने की भी जरूरत है जिससे वहां की समस्याओं (आतंकवाद, बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा,आदि।) से निजात मिल सके।

आज के इस पोस्ट में हमने आपको बताया की Article 370 In Hindi, What Is Article 370 In Hindi क्या है ? आशा करते है की आपको हमारा ये पोस्ट Article 370 In Hindi पसंद आया होगा I आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट कर के जरूर बताएं इसके साथ ही इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें I

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