February 26, 2021
AIDS full form और AIDS के फैलने से लेकर इलाज तक की जानकारी।

AIDS Full Form – AIDS क्या है?

AIDS कितनी गंभीर बीमारी है ये हम सभी जानते है। ये दुनिया की ऐसी बीमारी के रूप में जानी जाती है जिसका इलाज़ अभी तक संभव नहीं हो सका है।
क्या आप इस बीमारी AIDS के फुलफॉर्म को जानते हैं? अगर नहीं जानते तो आप बिल्कुल परेशान ना हो क्योंकि आज हम आपको ना सिर्फ़ AIDS का फुलफॉर्म बताने वाले हैं बल्कि इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बाते भी आपको बताने वाले हैं।
इस क्रम में आइये सबसे पहले जान लेतें हैं कि AIDS का फुलफॉर्म क्या होता है?

AIDS full form in Hindi

AIDS full form और AIDS के फैलने से लेकर इलाज तक की जानकारी।
AIDS full form in Hindi

AIDS का फुलफॉर्म – Acquired Immune Deficiency Syndrome।

AIDS in Hindi – एक्वायर्ड इम्युनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम।

AIDS को फैलाने वाले Virus को HIV कहा जाता है। जिसे की Human Immunodeficiency Syndrome (ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम) कहा जाता है।

AIDS क्या है?

AIDS इस समय दुनिया की सबसे Dangerous Disease में से एक मानी जाती है। इस बीमारी का इलाज़ अभी तक Science के पास नही है। यह बीमारी कितनी भयावह है इसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि साल 1980 से लेकर 2017 तक इस बीमारी की वज़ह से 35 मिलियन लोग अपनी जान गँवा चुके हैं।

साल 2016 में इस बीमारी से 36 ।7 मिलियन लोग ग्रसित थे वहीं लगभग 10 लाख लोग इससे मारे गए थे। अभी तक इस बीमारी का इलाज़ नहीं ढूँढा जा सका है। इस बीमारी से बचाव का सिर्फ़ एक ही इलाज़ है वो है इससे ‘बचाव’।

AIDS के बारे में हमने इतना तो जान लिया कि ये दुनिया की सबसे ख़तरनाक और लाइलाज़ बीमारी में से एक है तथा ये बीमारी HIV नाम के Virus से फैलती है। इसी क्रम में अब आइये ये भी जान लेते हैं कि AIDS रोग होता कैसे है? तथा AIDS होने के क्या लक्षण है?

AIDS कैसे होता है?

AIDS एक संक्रमित रोग है जो कि एक दूसरे के संक्रमण में आने पर फैलता है। जब कोई HIV संक्रमित व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के सम्पर्क में आता है या फ़िर संक्रमित व्यक्ति का Blood दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुँचता है तो वो व्यक्ति भी HIV से पीड़ित हो जाता है।

यहाँ पर ये बात आप अच्छी तरह से समझ ले कि AIDS ख़ुद में कोई रोग नहीं है, बल्कि ये सिर्फ़ हमारे शरीर की रोग प्रतिरक्षा शक्ति को ख़त्म कर देता है। जिस वज़ह से कई तरह के रोग हमारे शरीर को घर बना लेते हैं और अंततः हमारा शरीर एकदम कमज़ोर हो जाता है।

जब किसी व्यक्ति के शरीर में HIV Virus प्रवेश करता है तो धीरे-धीरे उस व्यक्ति की रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमज़ोर होने लगती है। जिससे शरीर मे विभिन्न Bacteria अटैक करने लगते हैं और कई तरह की बीमारियाँ शरीर में लग जाती है। HIV वायरस हमारे शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को इतनी बुरी तरह से प्रभावित करता है कि हमारा शरीर काफ़ी कमज़ोर हो जाता है और किसी भो रोग से लड़ने की क्षमता खो देता है।

यह रोग इतनी भयावह स्थिति में इसलिए पहुँच जाता है क्योंकि इससे ग्रसित व्यक्ति पर दवा का भी कोई असर नहीं होता है। AIDS से ग्रसित व्यक्ति की मृत्यु निश्चित मानी जाती है।

AIDS होने का कारण-

AIDS एक ऐसी बीमारी है जो की एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण से फैलती है। इस रोग के फैलने का मुख्य कारण क्या है आइये ये जान लेते हैं।

1. यौन सम्पर्क-

AIDS फैलने का सबसे मुख्य कारण है ‘असुरक्षित यौन संबंध’। जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करता है जो कि AIDS से ग्रसित है तो वो भी AIDS से पीड़ित हो जाता है।

2. स्तनपान से –

जब कोई HIV Positive महिला अपने बच्चे को स्तनपान कराती है तो उसका बच्चा भी इस रोग से ग्रसित हो जाता है।

3. संक्रमित सिरिंज के प्रयोग से –

अगर कोई HIV से संक्रमित व्यक्ति किसी सीरिंज का प्रयोग करता है और फ़िर उसी सीरिंज का प्रयोग किसी स्वस्थ्य व्यक्ति द्वारा भी कर लिया जाता है तो वो भी HIV से ग्रसित हो जाता है।

कुल मिलाकर HIV फैलने का मुख्य कारण है HIV संक्रमित व्यक्ति का खून किसी भी स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करना। अतः किसी भी HIV से पीड़ित व्यक्ति का Blood अगर किसी भी तरीक़े से किसी स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में चला जाता है तो वो भी इससे ग्रसित हो जाता है।

आइये जान लेते हैं कि AIDS होने का लक्षण क्या है। यानी कि अगर किसी व्यक्ति को AIDS है तो आप किस तरह से उसे पहचानें।

AIDS का लक्षण-

अगर कोई किसी व्यक्ति को AIDS होता है तो उसमें ये सभी लक्षण देखनें को मिलते हैं।

  1. सुखी ख़ासी – अगर किसी को सुखी ख़ासी आ रही है तथा मुँह में हमेशा कफ़ बनता रहता है तो ये AIDS का लक्षण हो सकता है।
  2. अधिक थकावट – बिना काम किये अगर आपको काफ़ी थकावट महसूस हो रही है तो ये भी HIV का लक्षण माना जा सकता है। अगर ऐसा आपके साथ
  3. बहुत दिनों तक होता है तो आप HIV की जाँच जरूर कराएं।
  4. बार- बार बुख़ार – अगर आपको बार बार बुखार होने की शिकायत है तो ये भी AIDS होने का लक्षण माना जाता है। आग ये लम्बे समय तक चलता है तो आप HIV की जाँच जरूर कराएं।
  5. वज़न कम होना – HIV से ग्रसित व्यक्ति का वज़न बहुत तेज़ी से घटता है। अतः अगर आपका भी वज़न बहुत तेज़ी से घट रहा है तो हो सकता है कि आप HIV से संक्रमित हो चुके हो। ऐसी स्थिति में तुरन्त Doctor के पास जाएं।
  6. Body के Joints में पैन – HIV से संक्रमित व्यक्ति के शरीर के विभिन्न जोड़ो में भी काफ़ी दर्द बना रहता है। इसके साथ ही सिर में भी हमेशा दर्द बना रहता है।अगर ऐसी स्थिति आपकी भी है तो आप तुरन्त HIV की जाँच कराएं।
  7. गिल्टियाँ होना – अगर आपके शरीर में कई ज़गह पर गिल्टियाँ निकल रही है तो ये भी HIV का लक्षण माना जाता है। ये गिल्टियाँ दर्द तो नहीं देती है लेकिन बार-बार शरीर में निकलती रहती है। जो कि AIDS होने का संकेत माना जाता है।

HIV तथा AIDS के लक्षण तथा कारण के बारे में तो हमनें जान लिया अब इसी क्रम में आइये ये भी जान लेते हैं कि आप किस तरह से ख़ुद को AIDS से बचा सकते हैं।

AIDS से बचने का उपाय-

  • असुरक्षित यौन संबंध से बचें।
  • यौन संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें।
  • HIV की जाँच नियमित रूप से कराते रहना चाहिए।
  • कभी भी एक ही सीरिंज से दो लोगो को Injection नहीं लगाना चाहिए।
  • Shaving कराते वक्त Barber को Blade बदलने के लिए जरूर कहें।
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को HIV की जाँच जरूर कराते रहना चाहिए ताकि गर्भ से शिशु को ये रोग ना हो।

AIDS पोस्ट पर हमारी राय

दोस्तों HIV एक बेहद खतरनाक रोग है। इससे बचे रहने का सिर्फ़ एक ही रास्ता है वो है इससे बचाव। अतः AIDS से सुरक्षित रहकर ही इससे बचा जा सकता है।
इस पोस्ट को हम यहाँ ख़त्म करते है। हमे comment में बताए की आपको हमारी पोस्ट AIDS full form in Hindi कैसी लगी। कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे।

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